नगर निगम की टैक्स वसूली में मलिन बस्तियों के लिए मानकों का हो सरलीकरणः लालचंद शर्मा

देहरादून में महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने मलिन बस्तियों में हाउस टैक्स की वसूली के मानकों में सरलीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि गलत मानकों के चलते लोगों को उजाड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका हर तरह से विरोध किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों को मालिकाना हक देने की मांग भी की है।
एक बयान में लालचंद शर्मा ने कहा कि ये अच्छी बात है कि नगर निगम ने मलिन बस्तियों से भवन कर लेना शुरू कर दिया है। वहीं, टैक्स लेने में भेदभाव हो रहा है। नगर निगम 2016 के बाद कि बनी बस्ती से टैक्स नहीं ले रहा है। ऐसा क्यों किया जा रहा है ये समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि बस्तियों में बने सभी भवनों से हाउस टैक्स लिया जाना चाहिए। नहीं तो लोगों के बीच भ्रांतियां पैदा होंगी। बस्तीवासियों को हाउस टैक्स में जमा करने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि 2016 से पूर्व बनी बस्तियों में तमाम मकान ऐसे लोगों के हैं, जिनके मुखिया का निधन हो गया है। अब उनके पुत्रो का बिजली का बिल उनके नाम पर 2016 के बाद आया है। ऐसे में नगर निगम मकान को नया निर्माण मान रहा है। जो कि गलत है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का भी टैक्स जमा नहीं किया जा रहा है। वहीं, ऐसे मकान 2016 से पहले के बने है। कांग्रेस का साफ कहना है कि नियमों में सरलीकरण करते हुए बस्तियों में बने सभी घरों से हाउस टैक्स लिया जाना चाहिए। इससे निगम का राजस्व भी अच्छा आएगा। साथ ही बस्तियों में रह रहे लोगों को न्याय भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। इसे बीजेपी सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द ही इस पर निर्णय लेते हुए बस्तियों में रह रहे गरीब परिवारों को राहत दी जाए।